भारतीय रेलवे ने सफर को आरामदायक बनाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अगर आप भी अक्सर अमृत भारत एक्सप्रेस (Amrit Bharat Express) में सफर करते हैं या करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
रेलवे ने हाल ही में नियम बदलते हुए यह साफ कर दिया है कि जनवरी 2026 से शुरू होने वाली 12 नई अमृत भारत ट्रेनों में अब RAC (Reservation Against Cancellation) का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको ‘आधी सीट’ पर बैठकर रात गुजारने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लेकिन, क्या यह बदलाव सिर्फ आपके फायदे के लिए है या इसमें कोई पेंच भी है? आइए विस्तार से समझते हैं।
RAC खत्म करने के पीछे क्या है रेलवे की सोच?
हम सभी जानते हैं कि RAC टिकट होने पर एक ही बर्थ को दो लोगों के बीच बांट दिया जाता है। लंबी दूरी की यात्रा में यह काफी थका देने वाला होता है। रेलवे के नए नियमों (Amrit Bharat II rules) के मुताबिक, अब इन ट्रेनों में यात्रियों को या तो कंफर्म सीट (Confirmed Berth) मिलेगी या फिर सीधे वेटिंग लिस्ट (Waiting List)।
इसका फायदा यह है कि जो भी यात्री स्लीपर क्लास में सफर करेगा, उसे पूरी बर्थ मिलेगी। यह कदम यात्रियों के ‘प्राइवेसी’ और ‘कंफर्ट’ को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
इन 12 अमृत भारत ट्रेनों में नहीं मिलेगी RAC
रेलवे ने उन ट्रेनों की सूची जारी कर दी है जहाँ यह नियम लागू होगा। इनमें से मुख्य ट्रेनें निम्नलिखित हैं:
- हावड़ा – आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
- सियालदह – बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस
- संतरागाछी – तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस
- कामाख्या – रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
- डिब्रूगढ़ – लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार – SMVT बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस
- तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस
- तिरुवनंतपुरम नॉर्थ – चरलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- नागरकोइल – मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस
किराए और कोटे में भी हुए हैं बड़े बदलाव
सिर्फ RAC ही नहीं, रेलवे ने इन ट्रेनों के लिए किराए का नया ढांचा (Fare Structure) भी तैयार किया है:
- न्यूनतम किराया (Minimum Fare): अब स्लीपर क्लास में सफर करने के लिए आपको कम से कम 200 किलोमीटर का किराया देना होगा, चाहे आप 50 किलोमीटर ही क्यों न जा रहे हों। जनरल क्लास के लिए यह सीमा 50 किलोमीटर रखी गई है।
- सीमित कोटा (Limited Quota): इन ट्रेनों में अब सिर्फ तीन तरह के कोटा उपलब्ध होंगे— महिला (Ladies), दिव्यांग (PwD), और सीनियर सिटीजन (Senior Citizen)। इसके अलावा अन्य कोई भी विशेष कोटा मान्य नहीं होगा।
- निचली बर्थ (Lower Berth) की प्राथमिकता: बुजुर्गों (पुरुष 60+, महिला 45+) और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले माता-पिता को सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से लोअर बर्थ देने की कोशिश करेगा।
क्या यात्रियों के लिए यह ‘बुरी खबर’ है?
मनोवैज्ञानिक तौर पर देखें तो इंसान हमेशा ‘निश्चितता’ (Certainty) पसंद करता है। RAC खत्म होने से यह तय हो जाएगा कि अगर आपके पास टिकट है, तो चैन की नींद पक्की है। लेकिन, इसका दूसरा पहलू यह भी है कि अब कंफर्म टिकट मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पहले जो सीटें RAC में चली जाती थीं, वे अब उपलब्ध नहीं होंगी।
क्या आपको लगता है कि ‘आधी सीट’ पर सफर करने से बेहतर है कि टिकट ही न मिले? यह एक बहस का विषय हो सकता है, लेकिन रेलवे का लक्ष्य प्रीमियम अनुभव देना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या पुरानी अमृत भारत ट्रेनों में भी RAC नहीं मिलेगी? नहीं, यह नियम मुख्य रूप से जनवरी 2026 से शुरू होने वाली ‘अमृत भारत II’ सीरीज की ट्रेनों पर लागू है। पुरानी ट्रेनों में मौजूदा व्यवस्था जारी रह सकती है।
2. अगर मेरा टिकट वेटिंग में है और कंफर्म नहीं हुआ, तो क्या मैं ट्रेन में चढ़ सकता हूँ? नहीं, अगर आपका टिकट ऑनलाइन (e-ticket) है और वह चार्ट बनने तक कंफर्म नहीं होता, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा। बिना कंफर्म टिकट के रिजर्व कोच में यात्रा करना दंडनीय है।
3. क्या जनरल डिब्बों के नियमों में भी कोई बदलाव हुआ है? जनरल क्लास (Unreserved) के लिए नियम पहले जैसे ही रहेंगे, बस न्यूनतम किराए की दूरी अब 50 किलोमीटर कर दी गई है।
4. क्या तत्काल कोटा इन ट्रेनों में उपलब्ध होगा? फिलहाल रेलवे ने केवल तीन मुख्य कोटे (महिला, दिव्यांग, बुजुर्ग) की बात की है। अन्य कोटे की जानकारी बुकिंग के समय IRCTC पोर्टल पर चेक की जा सकती है।

