Republic Day

क्या आप जानते हैं कि इस बार ‘कर्तव्य पथ’ पर होने वाली परेड में कौन-कौन से खास विदेशी मेहमान शामिल होने वाले हैं? भारत सरकार ने इस साल की गेस्ट लिस्ट (Guest List) में किन बड़े वैश्विक नेताओं को जगह दी है? चलिए, आज के इस ब्लॉग में हम इसी पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि इन मेहमानों का भारत आना हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है।


गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि (Chief Guests) कौन हैं?

इस साल भारत ने एक बहुत ही ऐतिहासिक कदम उठाया है। 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए भारत ने किसी एक देश के राष्ट्रपति को नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ (European Union) के दो सबसे बड़े पदों पर बैठे नेताओं को आमंत्रित किया है।

  1. उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen): ये यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष हैं।
  2. एंटोनियो कोस्टा (António Costa): ये यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष हैं।

यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेतृत्व को सामूहिक रूप से गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में बुलाया गया है। यह दिखाता है कि भारत अब यूरोप को केवल अलग-अलग देशों के समूह के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े और मजबूत साझेदार के रूप में देखता है।


इस बार का निमंत्रण इतना खास क्यों है?

अक्सर हम देखते हैं कि किसी एक देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को बुलाया जाता है। लेकिन इस बार का चुनाव भारत की ‘कूटनीति’ (Diplomacy) का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

  • रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership): भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर बड़े समझौते होने वाले हैं।
  • FTA पर बातचीत: भारत और यूरोपीय संघ के बीच ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (Free Trade Agreement) पर चर्चा तेज हो रही है, जिससे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।
  • वैश्विक संदेश: यह निमंत्रण दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत ग्लोबल लेवल पर एक बहुत ही भरोसेमंद और ताकतवर दोस्त बनकर उभर रहा है।

परेड की खास बातें: क्या होगा नया?

इस साल परेड की थीम ‘वंदे मातरम’ (150वीं वर्षगांठ) और ‘आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। मेहमानों के स्वागत के साथ-साथ आपको इस बार परेड में कुछ ऐसी चीजें दिखेंगी जो पहले कभी नहीं देखी गईं:

  • आर्मी एनिमल कंटिंजेंट: इस बार परेड में पहली बार ‘बैक्ट्रियन ऊंट’ (दो कूबड़ वाले ऊंट), जांस्कर घोड़े और शिकारी पक्षी (Raptors) भी नजर आएंगे।
  • ऑपरेशन सिंदूर को सलाम: भारतीय सेना इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीरों को एक विशेष श्रद्धांजलि देगी।
  • सांस्कृतिक झलक: लगभग 2,500 कलाकार कर्तव्य पथ पर भारत की अलग-अलग संस्कृतियों का प्रदर्शन करेंगे।

आम जनता के लिए खास क्या है?

सिर्फ विदेशी मेहमान ही नहीं, बल्कि सरकार ने इस बार ‘जन भागीदारी’ पर भी जोर दिया है। लगभग 10,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • खेती-किसानी में नाम कमाने वाले किसान।
  • नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा।
  • महिला स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) की सदस्य।
  • यहाँ तक कि ‘पीएम स्माइल’ योजना के तहत पुनर्वासित किए गए लोग भी परेड के गवाह बनेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या डोनाल्ड ट्रंप गणतंत्र दिवस 2026 में आ रहे हैं? नहीं, आधिकारिक घोषणा के अनुसार इस साल यूरोपीय संघ के नेता (उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा) ही मुख्य अतिथि हैं।

2. गणतंत्र दिवस 2026 की मुख्य थीम क्या है? इस साल की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित है।

3. क्या आम जनता परेड देख सकती है? जी हाँ, ‘आमंत्रण पोर्टल’ (Amantran Portal) के जरिए आप ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इस साल टिकटों की कीमत ₹20 और ₹100 रखी गई है।

4. परेड किस समय शुरू होगी? आमतौर पर परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होती है, लेकिन सुरक्षा कारणों से दर्शकों को सुबह 8:00 बजे तक अपनी सीट पर पहुंचना होता है।


गणतंत्र दिवस सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि हमारे भारतीय होने का जश्न है। इस बार विदेशी मेहमानों की मौजूदगी और परेड की नई झलक इसे और भी खास बनाएगी। क्या आप भी टीवी पर या कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए तैयार हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं!

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